सात मेटल कंपनियों का टाटा स्टील में होगा विलय

टाटा ग्रुप अपने सात मेटल कंपनियों का विलय टाटा स्टील में करेगी। इस विलय से कार्यक्षमता बढ़ने के साथ लागत में कमी आएगी।

सब्सिडियरी कंपनियों का विलय शेयर स्वैप के जरिए होगा। टाटा स्टील के बोर्ड से सब्सिडियरी के विलय को मंजूरी मिल गई है। विलय की जाने वाली कंपनियों में टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स, टाटा मेटालिक्स, टिनप्लेट, टीआरएफ (TRF), इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट्स, टाटा स्टील माइनिंग और एसएंडटी माइनिंग शामिल हैं। हालाकि कंपनी ने पहले की विलय योजना को वापस ले लिया है जिसमें टाटा मेटालिक्स का टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के साथ विलय का प्रस्ताव था। टाटा स्टील की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विलय के बाद कंपनी शेयरधारकों के लिए छिपे हुए वैल्यू के अवसर को तलाशेगी। इससे कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल के अलावा एक-दूसरी कंपनियों की इकाईयों के बहुत ही असरदार तरीके से संभव हो सकेगा। मार्केटिंग और वितरण नेटवर्क भी बेहतर तरीके से काम कर सकेगी। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की अगुवाई में ग्रुप कारोबार को कंसोलिडेट करने पर फोकस कर रही है। कारोबार के कंसोलिडेशन से रॉयल्टी भुगतान और अन्य खर्च में बचत होगी। जहां तक शेयर स्वैप का सवाल है तो टीआरएफ के 10 शेयर के बदले टाटा स्टील के 17 शेयर मिलेंगे। वहीं टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के 10 शेयर के बदले टाटा स्टील के 67 शेयर मिलेंगे। वहीं टिनप्लेट के 10 शेयर के बदले टाटा स्टील के 33 शेयर मिलेंगे। टाटा मेटालिक्स के 10 शेयर के बदले टाटा स्टील के 79 शेयर मिलेंगे।

 (शेयर मंथन, 23 सितंबर 2022)

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