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सोने-चांदी की कीमत पर एक्सपर्ट संदीप जैन की राय, निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

सोना और चांदी की कीमतों में क्या होने वाला है, निवेशकों को क्या करना चाहिए? ट्रेड स्क्रिप्ट ब्रोकिंग के निदेशक संदीप जैन से सोने और चांदी की कीमत में आगे क्या होने वाला है?

 ट्रेड स्क्रिप्ट ब्रोकिंग के निदेशक संदीप जैन का कहना है कि अगर हम 10–20 दिन पहले की बात करें, तो उस समय मैंने “रॉकस्टार सेगमेंट” यानी चांदी (Silver) की चर्चा की थी। इसका कारण था कि जब भी सोना (Gold) और चांदी जैसे कीमती धातुओं में हलचल होती है, तब पूरी दुनिया का ध्यान गोल्ड-सिल्वर रेशियो (Gold-Silver Ratio) पर जाता है। उस समय मैंने देखा था कि यह रेशियो लगभग 91–92 के स्तर पर था, जो एक ऐतिहासिक रूप से ऊँचा स्तर माना जाता है। दरअसल, जब भी वैश्विक माहौल में अनिश्चितता बढ़ती है जैसे कोरोना काल के दौरान हुआ था।  तब निवेशक “फ्लाइट टू सेफ्टी” की ओर बढ़ते हैं, यानी अपनी पूंजी को सुरक्षित साधनों में लगाते हैं। उस समय सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प बन जाता है, इसलिए उसकी कीमत तेजी से बढ़ती है। इसके विपरीत, चांदी, जो एक ओर तो कीमती धातु है लेकिन दूसरी ओर औद्योगिक उपयोग से भी जुड़ी है, कई बार उस गति से नहीं बढ़ पाती। ऐसे समय में गोल्ड-सिल्वर रेशियो (Gold/Silver Ratio) ऊपर चला जाता है। मतलब, सोना चांदी की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा हो जाता है। जब गोल्ड-सिल्वर रेशियो अपने ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तो यह संकेत देता है कि अब चांदी के लिए “कैच-अप” फेज शुरू हो सकता है। आने वाले महीनों में यदि सोने की कीमतें स्थिर रहती हैं और औद्योगिक मांग में सुधार होता है, तो चांदी एक बार फिर निवेशकों के लिए “रॉकस्टार सेगमेंट” साबित हो सकती है।


(शेयर मंथन, 14 अक्टूबर 2025)

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