शेयर मंथन में खोजें

गुरुवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcएयूएम कैपिटल (AUM Capital) के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने गुरुवार (01 अगस्त) के एकदिनी कारोबार के लिए इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank), जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment), चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट (Cholamandalam Invest), टीसीएस (TCS) और जायडस वेलनेस (Zydus Wellness) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

राजेश अग्रवाल ने इंडसइंड बैंक  (1412.85) को 1470.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 1370.00 रुपये रखने के लिए कहा है। जी एंटरटेनमेंट (361.45) के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसे 375.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 353.00 रुपये होगा। चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट (259.40) को 274.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने के लिए कहा गया है और इसमें घाटा काटने का स्तर 248.00 रुपये का है।
राजेश अग्रवाल ने टीसीएस (2205.40) को 2240.00 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ खरीदने के लिए कहा है, जबकि इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 2178 रुपये का है। उन्होंने जायडस वेलनेस (1500.05) को 1560.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इसमें घाटा काटने का स्तर 1455.00 रुपये पर रखने की सलाह दी है।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है। 

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 01 अगस्त 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख