शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, आईईएक्स, बजाज इलेक्ट्रिकल खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में गुरुवार (02 सितम्बर) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। इसने 14 दिनों के लिए आईईएक्स (IEX), बजाज इलेक्ट्रिकल (Bajaj Electrical) में खरीदारी की सलाह दी है। 

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने निफ्टी को 16,600-16,630 के दायरे में खरीद कर 16,664-16,715 रुपये का लक्ष्य रखने की सलाह दी है। इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 16,563 रुपये पर रखने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट में सलाह है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर को 2,630-2,635 के दायरे में खरीद कर 2,658.60-2,685 रुपये का लक्ष्य रखें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 2,606.40 रुपये का है।
इस ब्रोकिंग फर्म ने अपनी इस दैनिक रिपोर्ट में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के लिए सलाह दी है कि इसे 1,156-1,160 के दायरे में खरीदें और 1,169.60-1,181 रुपये का लक्ष्य रखें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 1,146.40 रुपये होगा।
आईईएक्स को इसने 14 दिनों की अवधि के लिहाज से 417-426 के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इस सौदे का लक्ष्य 460 रुपये का है। इसमें घाटा काटने का स्तर 397 रुपये का है। साथ ही इसने बजाज इलेक्ट्रिकल को भी 14 दिनों की अवधि के लिहाज से 1,108-1,124 के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इस सौदे का लक्ष्य 1,225 रुपये का है। इसमें घाटा काटने का स्तर 1,060 रुपये होगा।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म के ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 02 सितम्बर 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख