शेयर मंथन में खोजें

कोलगेट पाल्मोलिव और इंडिया सीमेंट्स खरीदें, एस्कॉर्ट्स कुबोटा बेचें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने बुधवार (30 नवंबर) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में कोलगेट पालमोलिव इंडिया (Colgate Palmolive India) और इंडिया सीमेंट्स (India Cements) के शेयर खरीदने, जबकि एस्कॉर्ट्स कुबोटा (Escorts Kubota) के शेयर बेचने की सलाह दी है।

ब्रोकिंग कंपनी ने कोलगेट पालमोलिव इंडिया के शेयर 1585-1595 रुपये के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इन शेयरों के लिये 1630 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 1570 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाने का सुझाव दिया है। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1602 रुपये था।

इसके अलावा ब्रोकिंग कंपनी ने एस्कॉर्ट्स कुबोटा के शेयर बेचने का सुझाव दिया है। इन्हें 2225 रुपये का लक्ष्य तय करते हुए 2275-2285 रुपये के दायरे में बेच सकते हैं। इनके लिए 2300 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाने की सिफारिश की है। इसका पिछला बंद भाव 2262 रुपये दर्ज किया गया था।

ब्रोकिंग कंपनी ने इंडिया सीमेंट्स के शेयर में खरीदारी करने की सिफारिश की है। इन्हें 238-240 रुपये के दायरे में खरीद सकते हैं। इनके लिए 245 रुपये का लक्ष्य तय करते हुए 236 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 243 रुपये रहा था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 30 नवंबर 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख