शेयर मंथन में खोजें

अदाणी पोर्ट्स और कोल इंडिया खरीदें, लार्सन ऐंड टूब्रो बेचें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने गुरुवार (29 दिसंबर) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone) और कोल इंडिया (Coal India) के स्टॉक में खरीदारी करने, जबकि लार्सन ऐंड टूब्रो (Larsen & Toubro) के शेयर बेचने की सलाह दी है।

ब्रोकिंग कंपनी ने अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के स्टॉक में लॉन्ग पोजीशन लेने का सुझाव दिया है। इस स्टॉक को 796-804 रुपये के दायरे में खरीदा जा सकता है। इनके लिये 827 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 792 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 810 रुपये था।

ब्रोकिंग कंपनी ने कोल इंडिया के शेयर भी खरीदने की सलाह दी है। इन्हें 218-221 रुपये के दायरे में खरीद सकते हैं। इनके लिये 230 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 216 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 223 रुपये था।

इसके अलावा ब्रोकिंग कंपनी ने लार्सन ऐंड टूब्रो के शेयर 2135-2145 रुपये के दायरे में बेचने का परामर्श दिया है। इनके लिये 2090 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 2155 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 2121 रुपये था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 29 दिसंबर 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख