शेयर मंथन में खोजें

मुथूट फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज खरीदें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने शुक्रवार (03 फरवरी) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) और डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज (Dr Reddy's Laboratories) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

ब्रोकिंग कंपनी ने मुथूट फाइनेंस के स्टॉक में लॉन्ग पोजीशन लेने का सुझाव दिया है। इन्हें 1,016-1,010 रुपये के दायरे में खरीद सकते हैं। इनके लिए 1,060 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 990 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1,026 रुपये था।

इसके अलावा ब्रोकिंग कंपनी ने कोटक महिंद्रा बैंक के स्टॉक में भी लॉन्ग पोजीशन लेने की सलाह दी है। इन्हें 1,752-1,740 रुपये के दायरे में खरीदा जा सकता है। इनके लिए 1,810 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 1,720 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1,762 रुपये था।

ब्रोकिंग कंपनी ने डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज के शेयर खरीदने की सिफारिश की है। इन्हें 4,352-4,330 रुपये के दायरे में खरीद सकते हैं। इनके लिए 4,440 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 4,280 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 4,370 रुपये था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 03 फरवरी 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख