शेयर मंथन में खोजें

बर्जर पेंट्स इंडिया और गेल इंडिया खरीदें, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज बेचें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने गुरुवार (23 फरवरी) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में बर्जर पेंट्स इंडिया (Berger Paints India) और गेल (इंडिया) (GAIL (India)) के स्टॉक में खरीदारी करने, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) के स्टॉक में पोजीशन शॉर्ट करन की सलाह दी है।

ब्रोकिंग कंपनी ने बर्जर पेंट्स इंडिया के स्टॉक को 560-563 रुपये के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इनके लिए 579 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 550 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 566 रुपये था।

इसके अलावा ब्रोकिंग कंपनी ने गेल (इंडिया) के स्टॉक खरीदने की सलाह दी है। इन्हें 94-95 रुपये के दायरे में खरीदा जा सकता है। इनके लिए 98 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 93 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 95 रुपये था।

ब्रोकिंग कंपनी ने टाटा कंसल्टेंस सर्विसेज के शेयर बेचने की सिफारिश की है। इन्हें 3470-3500 रुपये के दायरे में बेच सकते हैं। इनके लिए 3380 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 3550 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 3431 रुपये था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 23 फरवरी 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख