शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी बेचें, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टोरेंट पावर और प्रज इंडस्ट्रीज खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

ब्रोकिंग कंपनी आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने सोमवार (10 जुलाई) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में निफ्टी (Nifty) बेचने, जबिक हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries Ltd), टोरेंट पावर (Torrent Power Ltd) और प्रज इंडस्ट्रीज (Praj Industries Ltd) का स्‍टॉक खरीदने की सलाह दी है। प्रज इंडस्ट्रीज के स्टॉक में शुक्रवार (07 जुलाई) के भाव पर 14 दिन के नजरिये से पोजीशन लेने की सलाह दी गयी है। 

ब्रोकिंग कंपनी ने आज निफ्टी को 19455-19487 रुपये के दायरे में बेचने का सुझाव दिया है। इसके लिए 19421/19370 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 19522 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

ब्रोकिंग कंपनी ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर 422-423 रुपये के दायरे में 428.70 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने का परामर्श दिया गया है। इसमें 419.40 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

इसके अलावा टोरेंट पावर के शेयर 633-634 रुपये के दायरे में 642.70 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है। इसमें 629.20 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

प्रज इंडस्ट्रीज का स्टॉक शुक्रवार के भाव पर 387-396 रुपये के दायरे में 14 दिन के नजरिये से खरीद सकते हैं। इसके लिए 430.00 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 374.00 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 10 जुलाई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख