शेयर मंथन में खोजें

आज निफ्टी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारत इलेक्ट्रानिक्स में करें सौदे : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने आज शुक्रवार (31 जनवरी) की रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में एकदिनी कारोबार (Intraday Trade) के लिए निफ्टी (Nifty), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Electronics) में सौदे करने की सलाह दी है। 

इस रिपोर्ट में ब्रोकिंग फर्म ने निफ्टी को 23376-23405 के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इस सौदे में 23445/23496.0 का लक्ष्य रखते हुए 23334.00 पर स्टॉप लॉस लगायें।

आज हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर को 2398-2402 रुपये के दायरे में खरीदने की सलाह दी गयी है। इस सौदे में 2425 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 2385.80 रुपये पर स्टॉपलॉस लगायें।

इस रिपोर्ट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 278-278.80 रुपये के दायरे में खरीदने की सलाह दी है। इस सौदे में 281.8 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 276.40 रुपये पर स्टॉपलॉस लगायें।

इन सौदों के लिए ब्रोकिंग फर्म की ओर से बतायी गयी अवधि का ध्यान रखें।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 31 जनवरी 2025)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख