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अमेरिकी टैरिफ विवाद के बीच सेंसेक्स-निफ्टी गिरेंगे या संभलेंगे?

इन दिनों शेयर बाजार में जो तेज हलचल देखने को मिली, उसे ट्रम्प ट्रेमर का नाम दिया गया। अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी खबरों और अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिसका असर खासतौर पर आईटी इंडेक्स में साफ दिखायी दिया।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि आईटी इंडेक्स में पिछले दो दिनों का मूवमेंट यह दिखाता है कि वैश्विक घटनाओं का इस सेक्टर पर सीधा असर पड़ता है। हालांकि, यह भी माना गया कि आईटी सेक्टर पूरी तरह कमजोर नहीं है। जब तक निफ्टी आईटी 37,500 के नीचे क्लोज नहीं करता, तब तक बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। रिजल्ट सीजन की शुरुआत के साथ ही तस्वीर और साफ हो सकती है, खासकर टीसीएस जैसे बड़े नामों के नतीजों के बाद। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका में चल रहे टैरिफ विवाद और कोर्ट के संभावित फैसले पर केंद्रित रहा। सवाल यह है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का संवैधानिक अधिकार है या नहीं। अगर कोर्ट टैरिफ को असंवैधानिक ठहरा देता है, तो वैश्विक बाजारों में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। वहीं, 500% टैरिफ जैसे प्रस्तावों को लेकर यह राय सामने आई कि इतना ऊंचा टैरिफ किसी भी हाल में व्यावहारिक नहीं है और बिजनेस को लगभग शून्य कर देता है। 

बाजार को सबसे ज्यादा परेशानी अनिश्चितता से होती है। टैरिफ को लेकर लगातार बदलते बयान और कानून प्रस्ताव निवेशकों को कंफ्यूज कर रहे हैं। इसी वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। फिर भी, यह माना गया कि भारतीय बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर फिलहाल नेगेटिव नहीं दिखता। रिजल्ट सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे दिशा स्पष्ट होती जाएगी। 


(शेयर मंथन, 10 जनवरी 2026)

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