शेयर मंथन में खोजें

विकास दर 2013-14 में 6.1% से 6.7% होगी - आर्थिक सर्वेक्षण

आज संसद में पेश किये गये आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कारोबारी साल 2013-14 के लिए विकास दर (GDP Growth Rate) का अनुमान 6.1% से 6.7% जताया गया है।
इस आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्तीय घाटे को कम करने के लिए सोने के आयात में कटौती करने की समीक्षा की गयी है। आर्थिक सर्वेक्षण की खास बातें: 

वित्त वर्ष 2013-14 में विकास दर 6.1% से 6.7% रहने का अनुमान
वित्त वर्ष 2013-14 में व्यापार घाटा 4.6% रह सकता है
वित्त वर्ष 2013-14 में वित्तीय घाटा 4.8% रहने का अनुमान
2013 में सर्विस सेक्टर की विकास दर 6.6% रहने की उम्मीद
2014 में आईआईपी विकास दर में सुधार की उम्मीद
व्यापार घाटा कम करने के लिए आयात घटाने की जरूरत
उद्योग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाना बड़ी चुनौती
मार्च में महंगाई दर 6.2% से 6.6% रहने का अनुमान
सोने का आयात कम करना होगा
अप्रैल-दिसंबर में डब्लूपीआई महंगाई दर 7.55% रहने का अनुमान
गैर-खाद्य, नॉन मैन्यूफैक्चरिंग उत्पादों की महंगाई दर ऊँची रहने की संभावना
उद्योग क्षेत्र में सुधार की जरूरत
घटते निवेश की वजह से औद्योगिक विकास दर घटी
कारोबारी साल 2012 की तुलना में 2013 में अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद  
खाद्य सुरक्षा बिल से सब्सीडी का बोझ बढ़ेगा
डीजल की कीमत बढ़ाये जाने की जरूरत
सब्सीडी में कटौती करने की जरूरत
विनिवेश के जरिये सरकार 40,000 करोड़ रुपये जुटायेगी
विकास दर बढ़ाने के लिए कर बढ़ाये जाने की जरूरत
आरबीआई को कड़े कदम उठाये जाने की जरूरत(शेयर मंथन, 27 फरवरी 2013)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख