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वित्त वर्ष 2025-26 की पहली मौद्रित नीति घोषित, आरबीआई ने घटायी रेपो दर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार (09 अप्रैल) को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। केंद्रीय बैंक ने इसमें रेपो दर में 0.25% (25 आधार अंकों) की कटौती का ऐलान किया है। इसके बाद नयी रेपो दर 6% हो गयी है। रेपो दर वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं।

डीएल से जुड़ी इन गलतियों के कारण कट सकता है भारी चालान, इन बातों का रखें ध्यान

ट्रैफिक नियमों के अनुसार, कोई भी दोपहिया या चार पहिया वाहन चलाते वक्त आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर मोटा जुर्माना देना पड़ सकता है, जाे 5000 रुपये तक होती है। मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करते हुये सरकार ने 500 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर 5000 रुपया कर दिया था। लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित अन्य गलतियाँ भी आपकी जेब को ढीली कर सकती हैं।

अमेरिकी शुल्क से सबसे ज्यादा असर होगा डेयरी-बेकरी और समुद्री उत्पादों के निर्यात पर

अमेरिका की नयी नीति के तहत भारत के सामानों के आयात पर 26% का भारी-भरकम शुल्क लगा है। उद्योग संगठन फिक्की के अनुसार इससे भारतीय निर्यात को कहीं फायदा और कहीं नुकसान हो सकता है।

पेट्रोल-डीजल पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी, मगर आम जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ

एक तरफ अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चा तेल अप्रैल 2021 यानी कारोना काल के स्तर पर पहुँच गया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर उत्पाद शुल्क ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा की है और बकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी है।

ट्रंप के टैरिफ पर चीन का पलटवार, वैश्विक मंदी की आहट से सहमे दुनिया के बाजार

एक आदमी की सनक कैसे दुनिया में हलचल ला सकती है इसका जीता जागता उदाहरण हैं अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उनका रेसिप्रोकल टैरिफ। जिद इस बात की कि दुनिया का कारखाना अमेरिका बने और खरीदार दुनिया। इस जिद और ताकत के नशे में चूर डॉनल्ड ट्रंप ने 60 से ज्यादा देशों पर 2 अप्रैल से टैरिफ क्या लगाया, जिससे दुनिया में टैरिफ वॉर का आगाज हो गया। इसी सनक की बानगी भारतीय बाजारों पर भी साफ-साफ दिखाई दी।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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