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दो लोकोमोटिव फैक्टरियों की निविदा को अंतिम रूप दिया गया

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए बताया कि मेक इन इंडिया के तहत दो लोकोमोटिव फैक्टरियों की निविदा को अंतिम रूप दे दिया गया है। (शेयर मंथन, 25 फरवरी, 2016)

निजी भागीदारी से होगा 400 स्टेशनों का विकास

रेलवे निजी भागीदारी से 400 रेलवे स्टेशनों का विकास करेगा। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए बताया कि कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल पर इन स्टेशनों के पुनर्निमाण के लिए मंजूरी दे दी है। (शेयर मंथन, 25 फरवरी, 2016)

हमसफर, तेजस, उदय और अन्त्योदय नामक चार नयी ट्रेनें

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए बताया कि हमसफर, तेजस और उदय नाम से तीन नयी ट्रेनें चलेंगी। हमसफर में सभी थर्ड एसी डिब्बे होंगे, तेजस की रफ्तार 130 किलोमीटर/घंटे होगी और इसमें वाइ-फाई भी होगा, उदय डबलडेकर ट्रेन होगी। इसमें 40% ज्यादा यात्री होंगे। आम लोगों के लिए अंत्योदय एक्सप्रेस चलायी जायेगी जो पूरी तरह अनारक्षित होगी।

 

पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर को रेल से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट पेश करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और देश से इसकी रेल जुड़ाव हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ब्रॉड-गेज से मणिपुर और मिजोरम को जल्दी ही जोड़ा जायेगा। रेल मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत, जम्मू-कश्मीर को रेल से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। (शेयर मंथन, 25 फरवरी 2016)

1600 किलोमीटर रेलवे लाइन का होगा विद्युतीकरण: सुरेश प्रभु

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बजट पेश करते हुए कहा है  इस साल 1600 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण और अगले साल 2000 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया जाएगा।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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