कारोबोरी हफ्ते के पहले दिन एशियाई शेयर बाजारों ने अच्छी तेजी दर्ज की। चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक ने 3.57% की बढ़त दर्ज की। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में 8.66% की बढ़त दर्ज की। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के सूचकांक कॉस्पी में 7% से अधिक की तेजी रही। जापान के निक्केई सूचकांक में अच्छी मजबूती रही। यह 5.2% की बढ़त के साथ बंद हुआ। ताइवान वेटेड में 4.57% की मजबूती रही। उधर यूरोपीय बाजारों में सोमवार को कारोबार हफ्ते की शुरुआत बढ़त के साथ हुई है। भारतीय समयानुसार दोपहर 2.40 बजे एफटीएसई 196, कैक 201 और डैक्स सूचकांक में 287 अंको की मजबूती है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।