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आपूर्ति संबंधित समस्याओं का समाधान अहम: फिक्की (Ficci)

थोक महँगाई दर के 14 माह के उच्चतम स्तर पर पहुँचने पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग संगठन फिक्की (Ficci) ने कहा है कि आपूर्ति पक्ष से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उपाय लागू करना भारत के लिए काफी अहम है।
संगठन की अध्यक्षा नैना लाल किदवई के अनुसार, "मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा निकट है और हमें उम्मीद है कि ऐसा करते हुए आरबीआई इस बात को ध्यान में रखेगा कि विकास दर के मोर्चे पर अभी भी कमजोरी बरकरार है और इसे सहारे की जरूरत है। पिछले हफ्ते जारी आईआईपी आँकड़ों ने अक्टूबर 2013 में नकारात्मक विकास के संकेत दिये हैं। माँग के मोर्चे पर अभी तक सुधार नहीं आया है।"
 
दूसरी ओर इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एंजल ब्रोकिंग (Angel Broking) की अर्थशास्त्री भूपाली गुरसले ने कहा है कि नवंबर 2013 में महँगाई दर बाजार की उम्मीदों के मुकाबले अधिक रही है और इसने नकारात्मक रूप से चकित किया है। उन्होंने आगे कहा है, "महँगाई पर आरबीआई के आक्रामक नजरिये और महँगाई के दबाव को कम करने पर केंद्रित ध्यान को देखते हुए हम अपने नजरिये पर कायम हैं कि 18 दिसंबर की समीक्षा में यह रेपो दर में 25 आधार अंक की वृद्धि करेगा।" (शेयर मंथन, 16 दिसंबर 2013)
 
 

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