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सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या में वृद्धि पश्चगामी कदम: फिक्की (FICCI)

सरकार द्वारा सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या में वृद्धि के फैसले से उद्योग संगठन नाखुश हैं।
उद्योग संगठन फिक्की (FICCI) ने सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या बढ़ाने के सरकार के फैसले को आर्थिक तौर पर पश्चगामी कदम बताया है। साथ ही इसने आधार से जुड़ी एलपीजी प्रत्यक्ष लाभ स्थांतरण (DBTL) योजना को अगली घोषणा तक टालने के कदम को भी पीछे हटने वाला बताया है। 
गौरतलब है कि गुरुवार को राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने प्रत्येक परिवार के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडरों की संख्या 9 से बढ़ा कर 12 करने की घोषणा की थी। अनुमान है कि इस कदम से केंद्रीय खजाने पर हर साल 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 
फिक्की के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिड़ला ने कहा, 'फिक्की का मानना है कि पिछले साल आरंभ प्रत्यक्ष नकदी स्थांतरण योजना का आरंभ सही दिशा में एक कदम था। हमें यह समझना चाहिए कि योजना का क्रियान्वयन धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया है और यह पूरी तरह दोषमुक्त नहीं हो सकता। हालाँकि, सब्सिडी के प्रत्यक्ष नकदी स्थांतरण की व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाने के बाद पारदर्शिता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर आवंटन संभव होगा। हमें दो कदम आगे और एक कदम पीछे नहीं चलना चाहिए।' (शेयर मंथन, 31 जनवरी 2014)  

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