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अंतरिम बजट : सरकारी घाटा 4.6%, अगले साल 4.1%

वित्त मंत्री पी. चिंदबरम (P. Chidambaram) ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए वर्ष 2013-14 में सरकार का राजकोषीय घाटा (Fiscal) जीडीपी का 4.6% रहने का अनुमान जताया है।

अगले वित्त वर्ष में यह सरकारी घाटा 4.1% रहने की उम्मीद जतायी गयी है। पी चिदंबरम ने 2016-17 तक सरकारी घाटे को सीमित कर 3% के नीचे लाने के लक्ष्य को फिर से दोहराया है।वहीं 2013-14 में चालू खाता घाटा (CAD) 45 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। पिछले साल यह घाटा 88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया था, जिसकी तुलना में वित्त मंत्री ने इसे काफी कम करने में सफलता पायी है। विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में 2014 के अंत तक 15 अरब डॉलर की वृद्धि होने की उम्मीद रखी गयी है।

वित्त मंत्री ने अपने अंतरिम बजट भाषण में कहा कि  वर्ष 2013-14 में आर्थिक विकास दर (GDP) 4.9% रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2013-14 में कृषि क्षेत्र की विकास दर 4.6% रहने का   अनुमान है। वर्ष 2013-14 में  भारत का निर्यात 6% बढ़ कर 326 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2013-14 में खाद्यान्न उत्पादन 26.3 करोड़ टन हो सकता है, जो पिछले वर्ष 25.54 करोड़ टन था। 2013-14 के लिए कृषि क्षेत्र का निर्यात 45 अरब डॉलर से ज्यादा का रह सकता है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बताया कि यूपीए सरकार ने चीनी विनियंत्रण और डीजल विनियंत्रण जैसे कदम उठाये हैं। वहीं, देश की 67% आबादी के लाभान्वन के लिए फूड सिक्योरिटी बिल को पारित किया है। वर्ष 2013-14 के लिए सरकारी कंपनियों (पीएसयू) का पूँजीगत खर्च (कैपेक्स) 2.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का रहा। उन्होंने बताया कि 50,000 मेगावॉट की थर्मल और हाइड्रो पावर क्षमता का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2013-14 में नेशनल सोलर मिशन का दूसरा चरण शुरू हुआ है और नेशनल सोलर मिशन के तहत 500 मेगावॉट की 4 बिजली परियोजनाएँ शुरू होंगी।

इस अंतरिम बजट में सार्वजनिक बैंकों में पूँजी लगाने के लिए 11,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही वर्ष 2014-15 से रक्षा बलों के लिए एक रैंक एक पेंशन के नियम को सिद्धांत रूप में मान लिया गया है। अंतरिम बजट में सेवा कर (Service Tax) की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वित्त वर्ष 2014-15 के लिए आम बजट लोकसभा चुनाव के बाद बनने वाली नयी सरकार की ओर से जून-जुलाई में पेश किया जायेगा। (शेयर मंथन, 17 फरवरी 2014)

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