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मार्च तक ब्याज दरों में बदलाव नहीं : छमाही आर्थिक समीक्षा

केंद्र सरकार ने संसद में पेश छमाही आर्थिक समीक्षा में संकेत दिया है कि आगामी मार्च तक ब्याज दरों में कटौती नहीं होगी, हालाँकि रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति की पिछली समीक्षा बैठक के बाद गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि 'साल 2015 के आरंभिक समय' में दरों में कटौती होने की संभावना रहेगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से लोकसभा में पेश छमाही रिपोर्ट में सरकार ने यह भी कहा है कि कारोबारी साल 2014-15 में 4.1% सरकारी घाटे (Fiscal Deficit) का लक्ष्य हासिल कर पाना मुश्किल होगा। कारण यह है कि 2014-15 में कर राजस्व में वृद्धि अनुमानों से कम रहने की संभावना है। इस रिपोर्ट में यह माना गया है कि 2014-15 में कर संग्रह के अनुमान अधिक आशावादी थे। गौरतलब है कि बजट में पेश किये गये अनुमानों को उस समय भी जानकारों ने हकीकत से परे बताया था।

इस समीक्षा में चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) लगभग 2% के सुविधाजनक स्तर पर रहने की बात कही गयी है। वहीं निवेश के बारे में कहा गया है कि अब तक इसमें कोई खास तेजी नहीं आ सकी है। 

भारत की आर्थिक विकास दर (जीडीपी) के बारे में इस छमाही समीक्षा में अनुमान जताया गया है कि 2014-15 में विकास दर 5.5% रहेगी। पिछले कारोबारी साल में विकास दर 4.7% रही थी। मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में यह 5.7% और दूसरी तिमाही में 5.3% थी। पहली छमाही की औसत विकास दर 5.5% रही है। (शेयर मंथन, 19 दिसंबर 2014)

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