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उद्योग संगठनों ने किया रेपो रेट में कटौती का स्वागत

उद्योग जगत ने रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

उद्योग संगठन सीआईआई के महासचिव चंद्रजीत बैनर्जी ने कहा कि हाल ही में पेश हुये विकास आधारित बजट के बाद प्रमुख दरों में बदलाव कर भारतीय रिजर्व बैंक ने एक सकारात्मक संकेत दिया है कि केंद्रीय बैंक और सरकार दोनों ही एक के बाद एक विकास दर को गति देने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जब महंगाई दर पर नियंत्रण रखना आरबीआई के प्रमुख उद्देश्य में शामिल है, रिजर्व बैंक का ये कदम एक सकारात्मक संकेत है। सीआईआई महासचिव के मुताबिक उद्योग संगठन लगातार विकास दर को बढ़ाने के लिए दरों में कटौती की बात कर रहा था। 

वहीं फिक्की ने भी रिजर्व बैंक के निर्णय का स्वागत किया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की अध्यक्षा डॉक्टर ज्योत्सना सूरी के मुताबिक रिजर्व बैंक का निर्णय वित्त मंत्री द्वारा रेखांकित किये गये विकास को बढ़ावा देने वाले कदमों के लिये सहायक साबित होगा। उनके मुताबिक रेपो रेट में 0.25% की कटौती ये साबित करती है अर्थव्यवस्था में महंगाई को लेकर दबाव काफी तेजी से घट रहा है, इसके साथ ही ये दरों में कटौती ये साबित करती है कि सरकार द्वारा घाटे को नियंत्रण के लिये जो रास्ता चुना गया है वो भरोसेमंद है। फिक्की की अध्यक्षा के मुताबिक रिजर्व बैंक के कदम का असर जल्द देखने को मिलेगा इसके साथ ही सरकार और आरबीआई के कदमों से न केवल उद्योगों की हालत सुधरेगी साथ ही देश में निवेश का माहौल भी बेहतर होगा (शेयर मंथन 4 मार्च 2015)

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