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औद्योगिक उत्पादन (IIP) में सुधार, उद्योग जगत खुश

जनवरी 2015 के महीने में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) कुछ सँभलने से उद्योग जगत में एक उत्साह जगा है।

केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (CSO) के मुताबिक जनवरी 2014 के 1.1% के मुकाबले जनवरी 2015 में आईआईपी 2.6% रहा है। इससे पहले आईआईपी में अक्टूबर 2014 में 4.2% की गिरावट आने के बाद नवंबर 2014 में 3.8% की बढ़त दर्ज हुई थी। हालाँकि इसके बाद दिसंबर 2014 में यह घट कर 1.7% रह गयी थी। इस तरह दिसंबर 2014 की तुलना में भी जनवरी 2015 में आईआईपी में सुधार आया है। 

सीएसओ के मुताबिक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में अच्छा सुधार दिखा है। इसकी वृद्धि दर जनवरी 2014 के 0.3% से बढ़ कर इस साल जनवरी में 3.3% हो गयी। कैपिटल गुड्स क्षेत्र की वृद्धि दर इस दौरान -3.9% से उछल कर 12.8% पर आ गयी। वहीं उपभोक्ता वस्तुओं की वृद्धि दर -0.5% से कुछ और कमजोर हो कर -1.9% हो गयी। 

आईआईपी वृद्धि दर

% में

जनवरी 2015

जनवरी 2014

अप्रैल-जनवरी 2014-15

अप्रैल-जनवरी 2013-14

आईआईपी

2.6

1.1

2.5

0.1

खनन (माइनिंग)

-2.8

2.7

1.3

-1.1

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग)

3.3

0.3

1.7

-0.3

बिजली

2.7

6.5

9.3

5.7

बेसिक वस्तुएँ

4.5

2.8

7.4

1.6

पूँजीगत वस्तुएँ (कैपिटल गुड्स)

12.8

-3.9

5.7

-0.8

मध्यवर्ती वस्तुएँ (इंटरमीडिएट गुड्स)

-0.8

4.3

1.5

3.2

उपभोक्ता वस्तुएँ (कंज्यूमर गुड्स)

-1.9

-0.5

-4.7

-2.7

टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएँ (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स)

-5.3

-8.3

-14.2

-12.5

अस्थायी उपभोक्ता वस्तुएँ (कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल्स)

-0.1

4.5

1.9

5.7

(स्रोत : सीएसओ)

उद्योग संगठन सीआईआई (CII) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने इन आँकड़ों पर कहा कि नये साल के मौके पर औद्योगिक उत्पादन में आयी यह बढ़त शुभ संकेत है, जिससे इस वर्ष के दौरान आगे और अच्छी वृद्धि का रास्ता बनेगा। उन्होंने कहा कि पूँजीगत वस्तुओं में दो अंकों में वृद्धि से लगता है कि इस महीने के दौरान निवेश में बढ़ोतरी हुई है। (शेयर मंथन, 12 मार्च 2015)

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