शेयर मंथन में खोजें

पर्यटन उद्योग को माना जाये निर्यात उद्योग के समकक्ष

कॉक्स ऐंड किंग्स के सीएफओ अनिल खंडेलवाल ने आम बजट से पूर्व कहा है कि पर्यटन उद्योग को इसकी विदेशी मुद्रा आय के आधार पर निर्यातकों के समकक्ष माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निर्यातकों की तुलना में पर्यटन उद्योग से भेदभाव किया जाता है। किसी भी निर्यातोन्मुख उद्योग के मुकाबले पर्यटन उद्योग की विदेशी मुद्रा आय उसे बरकरार रखने की क्षमता अधिक है लेकिन वस्तु निर्यातकों को मिलने वाले लाभ पर्यटन उद्योग को नहीं मिलते।
निर्यातकों की तरह विदेशी मुद्रा आय के आधार पर पर्यटन उद्योग को भी पैकेज टूर पर सेवा कर छूट मिलनी चाहिए। फिलहाल सेवा कर लागू होने से भारतीय पैकेज टूर ऑपरेटरों को प्रतिस्पर्धी कीमत का नुकसान उठाना पड़ता है और भारत के अवकाश पैकेज चीन, थाईलैंड, मलयेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर, हांगकांग जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की पैकेज कीमतों से मुकाबला नहीं कर सकते। (शेयर मंथन, 26 फरवरी, 2016)

 

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख