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शनिवार 20 अगस्त : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

उर्जित पटेल (Urjit Patel) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नये गवर्नर होंगे। फिलहाल डिप्टी गवर्नर के पद पर काम कर रहे पटेल रघुराम राजन (Raghuram Rajan) की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 4 सितंबर को समाप्त हो रहा है।

अच्छे मानसून (Monsoon) और अधिक बाजार कीमतों के कारण चालू खरीफ सत्र में अभी तक बुवाई के रकबे में 35% की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 136.04 लाख हेक्टेयर हो गया है।
साल 2015-16 में बिहार (Bihar) और झारखंड में विभिन्न बैंकों के खिलाफ 5,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गयीं, जो पिछले साल की 4,456 शिकायतों की तुलना में 12.27% अधिक है।
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन (Power Grid Corporation) के निदेशक मंडल ने विद्युत पारेषण संबंधित परियोजनाओं में 733.32 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है।
एलऐंडटी ग्रुप की इंजीनियरिंग फर्म एलऐंडटी कंस्ट्रक्शन (L&T Construction) को पिरामल ग्रुप की रियल एस्टेट फर्म पिरामल रियल्टी से मुंबई में पिरामल अरण्य लक्जरी आवासीय परियोजना के निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपये का ठेका मिला है।
राष्ट्रीयकृत कोयला क्षेत्र में विनिवेश और रणनीतिक बिक्री के विरोध में कोल इंडिया (Coal India) के कर्मचारी दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। इसके अलावा पाँच लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी भी इसी दिन हड़ताल करने वाले हैं।
आईएलएंडएफएस इंजीनियरिंग सर्विसेज (IL&FS Engineering Services) के संयुक्त उपक्रम को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन से गुजरात में टर्नकी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट के लिए 136.26 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। (शेयर मंथन, 19 अगस्त 2016)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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