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जीएसटी (GST) की ओर बढ़ा भारत, मध्य रात्रि को हुआ श्रीगणेश

'एक राष्ट्र, एक कर, एक बाज़ार' के नारे के साथ राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (Pranab Mukharjee) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बटन दबा कर वस्तु एवं सेवा कर (GST) को शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि (1 जुलाई) से लागू कर दिया।

संसद के केंद्रीय कक्ष में यह चौथा ऐसा मौका था, जब मध्य रात्रि में कोई भव्य आयोजन हुआ हो। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मंत्री और अन्य अतिथि उपस्थित रहे। हालाँकि विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया था, जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इसमें अनुपस्थित रहे। साथ ही तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके और वामपंथी दलों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं की।
इस समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने जीएसटी को भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी और आयात से मुकाबला करने के लिए घरेलू उद्योगों को समान अवसर देने वाला बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी सभी राजनीतिक दलों, राज्यों तथा केंद्र के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साथ ही यह सहकारी संघवाद का भी बेहतरीन उदाहरण है। साथ ही उन्होंने जीएसटी को साफ-सुथरी और पारदर्शी प्रणाली बताते हुए कहा कि यह प्रणाली काले धन और भ्रष्टाचार पर लगाम कसेगी। मोदी ने व्यापारी वर्ग से अपील भी की कि जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें जो भी फायदा होगा, उसका फायदा वे गरीब लोगों तक जरूर पहुँचायें। (शेयर मंथन, 1 जुलाई 2017)

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