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सत्यम के अंतरिम सीईओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सत्यम कंप्यूटर के अंतरिम सीईओ राम मायनमपटि ने अभी-अभी संवाददाताओं को संबोधित करना शुरू कर दिया है। उनकी कही गयी कुछ खास बातें इस तरह हैं -

  • मुझे बोर्ड ने अंतरिम सीईओ की भूमिका निभाने के लिए कहा है।
  • हाल के खुलासों से मुझे गहरा धक्का लगा है।
  • हम इस बात की पूरी कोशिश करेंगे कि कामकाज सामान्य तरीके से चलता रहे। 
  • कई प्रमुख ग्राहकों ने अब तक समर्थन जारी रखने का वादा किया है, जिससे कामकाज पर कोई असर नहीं पड़े।
  • हम जाँच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे।
  • हम अपने कामकाज में पूरी पारदर्शिता बरतेंगे।
  • अभी बही खातों में उपलब्ध नकदी की स्थिति उत्साहजनक नहीं है।
  • सीएफओ श्रीनिवास वदलामणि ने अपना इस्तीफा दे दिया है।
  • वदलामणि का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं किया गया है, इसे बोर्ड के पास भेजा गया है।
  • सेबी की एक टीम आज सत्यम के कार्यालय में आयी है और हमारे कुछ सहयोगियों से बातचीत कर रही है।
  • सेबी की यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
  • सत्यम के अधिकारियों से बातचीत में रामलिंग राजू ने वही बातें दोहरायीं, जो उन्होंने अपने पत्र में लिखी थीं।
  • हम रामलिंग राजू के पत्र में कही गयी बातों की सच्चाई की जाँच कर रहे हैं और इसके बाद ही संभावित कार्रवाई तय की जायेगी।
  • रामलिंग राजू का पत्र उनकी ही ईमेल आईडी से आया, यह बात पक्की है। उन्होंने इस पत्र पर दस्तखत क्यों नहीं किये, ये बात मैं नहीं जानता।
  • अलग-अलग कारोबारों को सँभाल रहे प्रमुख लोगों के लिए यह अनुमान लगाना संभव नहीं था कि पूरी कंपनी के जो आँकड़े रखे जा रहे हैं, वे ठीक नहीं हैं।
  • कानूनी रूप से जनवरी महीने के अंत तक तिमाही नतीजे सामने रखना हमारे लिए जरूरी है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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