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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नहीं बदली रेपो दर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष की छठी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान रेपो दर में कोई परिवर्तन नहीं किया।

केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को लगातार तीसरी बार 6.0% ही बरकरार रखा है। रेपो दर वह दर होती है जिस पर अन्य बैंक, रिजर्व बैंक से ऋण लेते हैं। इससे पहले अगस्त 2017 में आरबीआई ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती का निर्णय लिया था। साथ ही आरबीआई ने रिवर्स रेपो दर को भी 5.75% ही बरकरार रखा है। बता दें कि रिजर्व बैंक अन्य वाणिज्यिक बैंकों से जिस दर पर ऋण लेता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं। आरबीआई की मौद्रिक नीति में चौथी तिमाही के लिए मुद्रास्फिति के 5.1% रहने का अनुमान लगाया गया है। आरबीआई की मौद्रिक समिति के मुताबिक अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में मुद्रास्फिति 5.1-5.6% के दायरे में रह सकती है, जबकि दूसरी छमाही में 4.5-4.6% तक घट सकती है।
गौरतलब है कि मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों में से केवल एक माइकल देबब्रत नीति दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने के पक्ष में थे। इसेक अलावा चालू वित्त वर्ष में सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) के लिए 6.6% का अनुमान लगाया गया है। (शेयर मंथन, 07 फरवरी 2018)

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