शेयर मंथन में खोजें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज की एटीएम से असीमित मुफ्त निकासी संबंधित याचिका

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने उपभोक्ताओं द्वारा अपने बैंक (Bank) के एटीएम (ATM) से असीमित मुफ्त निकासी पर अधिकतम सीमा तय किये जाने के खिलाफ दायर की गयी याचिका खारिज कर दी।

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश वीके राव की बेंच ने गुरुवार को अपने फैसले में कहा कि बैंकों द्वारा एटीएम सुविधा पर सुरक्षाकर्मी का वेतन और बिजली का खर्च आदि जैसे कई ऊपरी खर्चे आते हैं, इसलिए एटीएम से असीमित लेन-देन की सुविधा नहीं हो सकती।
न्यायालय ने कहा कि एटीएम लगाने और इसके रखरखाव पर भी लागत आती है और यदि इस मामले में दखल देने पर बैंक एटीएम बंद कर दें तो यह संकटपूर्ण होगा। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक 6 मेट्रो शहरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, और बेंगलुरु) में उपभोक्ता अपने बैंक के एटीएम से महीने में केवल पाँच बार मुफ्त लेन-देन कर सकते हैं, जबकि इसके बाद प्रति लेन-देन पर 20 रुपये का शुल्क लगेगा। अदालत ने यह भी कहा कि उपभोक्ता महीने में हर अतिरिक्त लेन-देन पर 20 रुपये का शुल्क वहन कर सकते हैं। (शेयर मंथन, 18 अगस्त 2018)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख