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2020 से एक दिन में ही प्राप्त कर सकेंगे आयकर रिफंड

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को आयकर रिटर्न की ई-फिलिंग और केंद्रीकृत प्रसंस्करण के लिए 4,242 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी, जिससे करदाताओं को एक दिन में ही रिफंड प्राप्त करने की सुविधा मिलने लगेगी।


रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्तमान में, रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड देने के लिए लिया गया औसत समय 63 दिनों का है, जो अब घटकर एक दिन हो जाएगा।
आयकर विभाग के अज्ञात स्रोतों के हवाले से कहा गया कि सरकार सेवा प्रदाताओं के लिए एक दिन में रिफंड की प्रक्रिया के लिए प्रोत्साहन में निर्माण कर रही है। लेकिन अगर रिफंड प्रसंस्करण 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं होता है, तो जुर्माना लगाया जाएगा।
यह परियोजना इंफोसिस द्वारा लागू की जाएगी और अगले 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। लेकिन आयकर विभाग को उम्मीद है कि अगले साल टैक्स फाइलिंग सीजन से पहले, सिस्टम तैयार हो जाएगा।
एक बार जब नई प्रणाली लागू हो जायेगी, तो करदाताओं को उनके नाम, पैन और अन्य विवरणों के साथ उनके आयकर खाते में एक पूर्व भरा हुआ फॉर्म मिलेगा, प्रकाशन ने एक कर अधिकारी के हवाले से कहा। फॉर्म 26AS से स्रोत पर काटे गए वेतन, ब्याज आय, कर जैसे विवरणों को भी कैप्चर करेगा। करदाता अपने अन्य आय को जोड़ सकते हैं, जो पहले आई-टी विभाग को सूचित नहीं किया गया था। (शेयर मंथन, 17 जनवरी 2019)

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