शेयर मंथन में खोजें

इन्फोसिस (Infosys) के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही मुनाफे में 12% की गिरावट

प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता इन्फोसिस (Infosys) ने 2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,609 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।

इसके मुकाबले ठीक पिछली तिमाही में इन्फोसिस का मुनाफा 12% अधिक 4,110 करोड़ रुपये रहा था। वहीं तिमाही दर तिमाही आधार पर ही कंपनी की शुद्ध आमदनी 20,609 करोड़ रुपये से 4% की बढ़त के साथ 21,400 करोड़ रुपये रही।
प्रमुख ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इन्फोसिस के नतीजों को मिला-जुला बताया है। ब्रोकिंग फर्म के मुताबिक इन्फोसिस की आमदनी अनुमान से बेहतर रही, मगर मार्जिंस के मोर्च पर कंपनी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी।
2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इन्फोसिस का एबिट 1.3% की गिरावट के साथ 4,830 करोड़ रुपये और एबिट मार्जिन 118 आधार अंक घट कर 22.6% रह गया। इसके अलावा जुलाई-सितंबर तिमाही के मुकाबले कंपनी की डॉलर आमदनी 2% की वृद्धि के साथ 298.7 करोड़ डॉलर रही। वहीं इन्फोसिस की स्थिर मुद्रा आमदनी में भी 2.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी।
गौतरलब है कि तिमाही आधार पर ही स्थिर मुद्रा में इन्फोसिस की डिजिटल आमदनी 5% अधिक 94.2 करोड़ डॉलर रही।
बता दें कि इन्फोसिस ने चालू वित्त वर्ष में स्थिर मुद्रा में आमदनी के लिए अनुमानित वृद्धि बढ़ा कर 8.5-9% कर दी है, जो पहले 6-8% थी।
दूसरी ओर बीएसई में इन्फोसिस का शेयर 679.75 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले आज सुबह 683.90 रुपये पर खुला। अंत में यह 3.95 रुपये या 0.58% की वृद्धि के साथ 683.70 रुपये पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 11 जनवरी 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख