शेयर मंथन में खोजें

शेयर बायबैक नियमों में कोल इंडिया (Coal India) को मिली सेबी (SEBI) से छूट

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने कोल इंडिया (Coal India) को कंपनी के प्रस्तावित शेयर बायबैक इश्यू के लिए नियमों में छूट दी है।

कोल इंडिया ने 12 फरवरी को सेबी के पास आवेदन दाखिल कर बायबैक नियमों के सख्त प्रवर्तन से छूट माँगी थी। सेबी के आदेश के अनुसार फरवरी माह में भारत-22 ईटीएफ की प्रबंधन कंपनी को कोल इंडिया के 4,46,80,850 इक्विटी शेयरों (जो इसके प्रमोटर यानी सरकार के पास थे) के हस्तांतरण के लिए यह आवेदन आवश्यक था। याद रहे कि 14 फरवरी को भारत-22 ईटीएफ का एक दिवसीय दूसरा एफएफओ खुला था।
बायबैक नियमों के अनुसार निदेशक मंडल के बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी देने से लेकर ऑफर के पूरा होने तक कंपनी के प्रमोटर शेयर एक्सचेंज, ऑफ-मार्केट या अंतर-हस्तांतरण के जरिये शेयरों की लेन-देन नहीं कर सकते।
4 फरवरी को कोल इंडिया के बोर्ड ने 4.46 करोड़ इक्विटी शेयरों के बायबैक को मंजूरी दे दी थी, जिस पर 235 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के हिसाब से कंपनी 1,050 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
दूसरी तरफ बीएसई में कोल इंडिया का शेयर 215.30 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज 215.60 रुपये पर खुला। आज कोल इंडिया का शेयर थोड़े दबाव में है। करीब सवा 10 बजे कंपनी का शेयर 1.45 रुपये या 0.67% की गिरावट के साथ 213.85 रुपये के भाव पर चल रहा है। पिछले 52 हफ्तों की अवधि में कोल इंडिया के शेयर का शिखर 316.55 रुपये और निचला स्तर 212.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 21 फरवरी 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख