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दूसरी तिमाही में नेस्ले का मुनाफा घटा, आय में मामूली बढ़त

FMCG की दिग्गज कंपनी नेस्ले ने गुरुवार को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफा 908 करोड़ रुपये से घटकर 899 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं कंपनी की आय में 1 फीसदी की मामूली बढ़त देखने को मिली है।

दूसरी तिमाही में बजाज ऑटो का मुनाफा 9 फीसदी, आय 21.8% बढ़ी

दोपहिया वाहन बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा स्टैंडअलोन आधार पर 9 फीसदी से बढ़ा है। मुनाफा 1836 करोड़ रुपये से बढ़कर 2005 करोड़ रुपये रहा है। वहीं एडजस्टेड आधार पर मुनाफा 1836 करोड़ रुपये से बढ़कर 2216 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।

टाटा पावर को आरईसी की सब्सिडियरी से ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए एलओआई मिला

टाटा पावर को आरईसी पावर डेवलपमेंट ऐंड कंसल्टेंसी लिमिटेड से एलओआई (LoI) यानी लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। कंपनी को यह एलओआई ERES-XXXIX पावर ट्रांसमिशन के अधिग्रहण के लिए मिला है। यह एक स्पेशल परपस व्हीकल है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र का पहली तिमाही में मुनाफा 44% बढ़ा, एनआईआई में 15% की बढ़ोतरी

बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। बैंक के मुनाफे में दूसरी तिमाही में 44% की बढ़त देखने को मिली है। मुनाफा 920 करोड़ रुपये से बढ़कर 1327 करोड़ रुपये हो गया है।

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट का दूसरी तिमाही में मुनाफा 32%, आय 38% बढ़ी

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट (HDFC AMC) कंपनी ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा 32 फीसदी बढ़ा है। कंसो मुनाफा 437 करोड़ रुपये से बढ़कर 577 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी की आय में 38 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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