शेयर मंथन में खोजें

IREDA को सरकार से फंड जुटाने के लिए मंजूरी मिली

भारत सरकार की नवरत्न कंपनी IREDA यानी इंडिया रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (Indian Renewable Energy Development Agency Limited) की क्यूआईपी (QIP) क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटाने को मंजूरी दी है। कंपनी को यह मंजूरी विनिवेश विभाग यानी दीपम (DIPAM) से मिली है।

यूनो मिंडा का कारोबार विस्तार पर 610 करोड़ रुपये निवेश की योजना

ऑटो एंसिलियरी (कंपोनेंट) का कारोबार करने वाली कंपनी यूनो मिंडा (uno minda) की बड़े स्तर पर कारोबार विस्तार की योजना है। कंपनी की नई इकाई लगाने पर करीब 610 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। कंपनी यह विस्तार भारत सहित इंडोनेशिया में करने की योजना बना रही है।

टाटा पावर की सब्सिडियरी को MSEDCL से हाइब्रिड प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला

टाटा पावर की सब्सिडियरी को महाराष्ट्र सरकार से बड़ा ऑर्डर मिला है। टाटा पावर की सब्सिडियरी शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट क्षमता 200 मेगा वाट की होगी । इसके अलावा 200 मेगा वाट
की अतिरिक्त ग्रीनशू विकल्प भी होगा।

टोरेंट पावर को MSEDCL से हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला

टोरेंट पावर को महाराष्ट्र सरकार से बड़ा ऑर्डर मिला है। टोरेंट पावर ने MSEDCL यानी (एमएसईडीसीएल) महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के साथ पंप्ड हाइड्रो एनर्जी स्टोरेज फैसिलिटी एग्रीमेंट (PHESFA) किया है। इसके तहत रोजाना आठ घंटे की बिजली आपूर्ति करनी होगी जो 1500 मेगा वाट की डिस्चार्ज क्षमता के बराबर होगी।

रिलायंस पावर, रिलायंस इन्फ्रा के शेयरों में ऊपरी सर्किट

अनिल अंबानी समूह को एक बड़ी राहत मिलने से इस समूह के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली और रिलायंस पावर, रिलायंस इन्फ्रा के शेयरों में ऊपरी सर्किट लग गया।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख