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महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंस का मॉर्गेज कारोबार में उतरने का फैसला

एमऐंडएम ग्रुप की एनबीएफसी कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंस ने मॉर्गेज कारोबार में उतरने का फैसला किया है। कंपनी मॉर्गेज कारोबार में शुरुआती तौर पर 20-30 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। 13 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में मॉर्गेज कारोबार में उतरने को मंजूरी दी है।

आरआरवीपीएनएल से ऑर्डर मिलने से ट्रांसफॉर्मर्स ऐंड रेक्टिफायर्स के शेयर में तेजी

ट्रांसफॉर्मर्स ऐंड रेक्टिफायर्स इंडिया को शुक्रवार को एक बड़ा ऑर्डर मिला है। ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी के शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी को यह ऑर्डर आरआरवीपीएनएल (RRVPNL) यानी राजस्थान राज्य विद्युत परासरण निगम लिमिटेड की ओर से मिला है।

रिवाइवल की उम्मीद में स्पाइसजेट के शेयर में तेजी

एविएशन कंपनी में रिवाइवल की उम्मीद से शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी शेयर 10% चढ़ कर सात महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि बजट कैरियर स्पाइसजेट कारोबार में सुधार के लिए योजना बना रही है।

एलआईसी (LIC) की खरीदारी के बाद आईआरसीटीसी (IRCTC) में आज भी तेजी

एलआईसी की ओर से और हिस्सेदारी खरीदे जाने की खबर के बाद इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के शेयर में आज लगातार दूसरे दिन तेजी बनी रही।

JSW इंफ्रा बोर्ड से क्षमता विस्तार को मंजूरी

JSW इंफ्रा बोर्ड से क्षमता विस्तार को मंजूरी मिली है। क्षमता विस्तार की यह मंजूरी जयगढ़ और धरमातर पोर्ट्स के लिए दी गई है। इन दोनों पोर्ट्स पर निर्माण काम मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक 9 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में क्षमता विस्तार प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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