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डॉव जोंस गिरा, एशिया में भी छायी लाली

गुरुवार को कई नकारात्मक खबरों के बीच एक बार फिर अर्थव्यवस्था में मंदी की चिंता अमेरिकी निवेशकों पर हावी होती दिखी, जिससे डॉव जोंस में 443 अंकों की बड़ी गिरावट आयी। आज सुबह एशियाई बाजारों में भी गिरावट दिख रही है।

कल एक के बाद एक कई नकारात्मक खबरों के बीच डॉव जोंस 4.85% फिसल गया। खुदरा क्षेत्र की कंपनियों ने अक्टूबर महीने में बिक्री के कमजोर आंकड़े सामने रखे। ऑटो कंपनियों और वित्तीय क्षेत्र के बारे में पहले से ही निवेशक चिंता में हैं। यह चिंता अब अन्य क्षेत्रों में भी फैलने लगी है। आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सिस्को ने भी अक्टूबर में मांग में काफी कमी आने की चेतावनी दी। इन सबके अलावा अक्टूबर महीने की रोजगार रिपोर्ट जारी किये जाने से एक दिन पहले श्रम विभाग ने यह कह कर लोगों की बेचैनी बढ़ा दी कि बेरोजगारी भत्ते का लाभ लेने वालों की संख्या पिछले 25 सालों के अपने उच्चतम स्तर पर चली गयी है। इन सबके बीच नाइमेक्स में कच्चे तेल का भाव 4.53 डॉलर गिर कर 60.77 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
गुरुवार को यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में दर्ज की गयी गिरावट का साफ असर आज सुबह एशियाई बाजारों पर दिखा, हालांकि शुरुआती कमजोरी के बाद कई एशियाई बाजार कुछ संभले हैं। मसलन, निक्केई करीब 4% फिसलने के बाद फिलहाल करीब 2% नीचे है। स्ट्रेट टाइम्स भी निचले स्तरों से थोड़ा उबरा है। हैंग सेंग और कॉस्पी लाल से हरे निशान में आ गये हैं। ताइवान वेटेड और शंघाई कंपोजिट शुरुआती गिरावट के बाद सपाट हो गये हैं। इन सबसे अलग जकार्ता कंपोजिट की शुरुआती मजबूती हल्की पड़ी है। सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज में निफ्टी वायदा भी शुरुआती कारोबार में कल एनएसई में निफ्टी के बंद स्तर से लगभग 45-50 अंक नीचे 2840-45 के आसपास था, लेकिन फिलहाल वापस 2890 के करीब है।

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