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बैंकों का एनपीए 13 साल के निचले स्तर पर आया, एनबीएफसी के भी हालात सुधरे : आरबीआई की रिपोर्ट

एक दौर था जब बैंक उनके बढ़ते एनपीए की वजह से खबरों में होते थे। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अब बैंक घटते एनपीए की वजह से सुर्खियाें में हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय बैंकों के हालात पर जारी एक रिपोर्ट में बैंकों के घटते एनपीए पर प्रकाश डाला गया है।  

क्या होते हैं एनपीए

एनपीए यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट। बैंक से कर्ज लेने वाले जब उसे नहीं लौटाते और बैंक काफी कोशिशें करने के बावजूद इनकी वसूली नहीं कर पाते, तो इन्हें बट्टे खाते यानी बैड लोन (एनपीए) की श्रेणी में डाल देते थे। यह बैंकों पर बोझ होता है, जो उनकी कमजोरी वित्तीय स्थिति का संकेत देता है। 

13 साल के निचले स्तरों पर बैड लोन

आरबीआई की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय बैंको के सकल एनपीए में सुधार हो रहा है। बैंकों का बैड लोन भी 13 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर के अंत में शुद्ध एनपीए भी घटकर कुल कर्ज का 0.57% रह गया, जबकि मार्च में यह 0.62% था।

मजबूत हो रही बैलेंसशीट

अपनी रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा है कि देश के बैंक अच्छा काम कर रहे हैं। उनके मुनाफे में इजाफा हुआ है। बैंकों का रिटर्न ऑन एसेट 2023-24 में 1.4% और रिटर्न ऑन इक्विटी 14.6% पर पहुँच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2024 के अंत तक बैंकों का ग्रॉस एनपीए यानी जीएनपीए अनुपात 2.7% और सितंबर 2024 के अंत तक 2.5% पर आ गया है, जो 13 साल का सबसे कम है। इसके अलावा बैंकों की कैपिटल पोजीशनिंग में भी मजबूती आई है।

एनबीएफसी में भी सुधार

बैंकों के लोकपाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि एनपीएफसी यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों की स्थिति में भी सुधार हो रहा है। पूँजी बढ़ रही है। कर्ज देने में तेजी आई है और साथ ही इनके एनपीए में भी सुधार हो रहा है। सितंबर 2024 के अंत तक एनबीएफसी का सकल एनपीए अनपात घटकर 3.4% पर आ गया है।

रिपोर्ट में कितने बैंक शामिल?

आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बैंको की ऋण की गुणवत्त और लाभप्रदता में सुधार हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में अनुसूचित वाणज्यिक बैंकों का शुद्ध लाभ 32.8 % बढ़कर 3,49,603 करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2024 के अंत में वाणिज्यिक बैंकिंग क्षेत्र में 12 सरकारी बैंक, 21 निजी बैंक, 45 विदेशी बैंक, 12 स्मॉल फाइनेंस बैंक, 6 भुगतान बैंक, 43 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और दो स्थानीय क्षेत्र बैंक शामिल थे।

(शेयर मंथन, 29 दिसंबर 2024)

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