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आज बाजारों के सपाट रहने की संभावना

सौरभ मित्तल, एमडी, स्वदेशी क्रेडिट शेयर ब्रोकर्स

मुझे आज भारतीय शेयर बाजारों के सपाट रहने की संभावना लग रही है, हालाँकि थोड़ी बिकवाली भी आ सकती है। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन कल हमारे बाजारों पर इसका वैसा खराब असर नहीं पड़ा। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय शेयर बाजारों का वैश्विक शेयर बाजारों से अलगाव होने लगा है। लोग यह मान कर चल रहे हैं कि भारत में बैंकिंग व्यवस्था का वैसा हाल नहीं है, जैसा अमेरिका में है। साथ ही यह भी कि उभरते बाजारों में चीन और भारत के बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) इस समय काफी ढीले पड़े हैं। हालाँकि जैसे-जैसे भारतीय बाजारों में तेजी आयेगी, वैसे-वैसे उनकी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। ऐसा माहौल बनने में अभी समय लगेगा और हो सकता है कि दो तिमाहियाँ भी लग जायें। 16 तारीख को आने वाले वोट-ऑन-एकाउंट से कुछ उम्मीदें जरूर हैं, लेकिन आजकल बजट से पहले की उत्सुकता काफी कम हो गयी है। बड़ी आर्थिक हलचलों के बीच इन दिनों बाजारों पर राजनीतिक बातों का असर कम ही दिखायी पड़ रहा है।

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