शेयर मंथन में खोजें

सेंसेक्स लुढ़क कर 9,000 के नीचे बंद

कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर भारतीय शेयर बाजारों ने कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ की और दिन भर चले उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स एक बार फिर 9,000 के स्तर के नीचे चला गया। बीएसई सेंसेक्स 354 अंक या 3.81% लुढ़क कर 8,937 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 117 अंक या 4.16% की कमजोरी के साथ 2,683 पर बंद हुआ। आज बाजारों में दिन भर उतार-चढ़ाव का क्रम बना रहा, हालांकि सेंसेक्स 300 से भी कम अंकों के दायरे के बीच झूलता रहा। सीएनएक्स मिडकैप में 1.93% की गिरावट रही, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 2.81% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

 आज के कारोबार में बीएसई में सभी क्षेत्रों के सूचकांकों में गिरावट का रुख रहा। टीईसीके, आईटी, पावर, बैंकिंग, पीएसयू और धातु सूचकांकों में 4-5% की कमजोरी दर्ज की गयी। आज एसीसी में 7.27% की कमजोरी आयी। ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी में 6.74% की गिरावट रही। भारती एयरटेल और जयप्रकाश एसोसिएट्स में 6% से अधिक की कमजोरी दर्ज की गयी।

एशियाई बाजार गिरावट के साथ बंद

सोमवार को यूरोप और अमेरिका के शेयर बाजारों में आयी कमजोरी के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 6.31% की गिरावट रही। हैंग सेंग में 4.54% की कमजोरी दर्ज की गयी। कॉस्पी सूचकांक 3.91% नीचे रहा, जबकि इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट सूचकांक में 3.81% की कमजोरी रही। सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स सूचकांक 3.26% नीचे रहा। ताइवान वेटेड सूचकांक में 3.03% की गिरावट दर्ज की गयी।

कच्चा तेल 55 डॉलर प्रति बैरल से नीचे

कच्चे तेल के भाव में गिरावट जारी है। न्यूयार्क मर्केटाइल एक्सचेंज में सोमवार को कच्चा तेल 54.95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित देशों में कच्चे तेल की मांग में कमी आई है। साथ ही साथ जापान में आई मंदी का भी असर पड़ा है।

3000 पर सेंसेक्स !

राजीव रंजन झा

शंकर शर्मा फर्स्ट ग्लोबल के निदेशक हैं और भारतीय शेयर बाजार के कुछ बेहद चमकदार नामों में से एक हैं। हाल में उनकी बातों का वजन कुछ इसलिए भी बढ़ा है, क्योंकि सेंसेक्स के चार अंकों में लौटने की बात उन्होंने तब कही थी, जब जनवरी-फरवरी के झटकों के बाद सेंसेक्स 17,000 के आसपास चल रहा था। तब शायद ही किसी को इस बात पर यकीन था।

एशियाई बाजारों में कमजोरी

सोमवार को यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजारों में आयी गिरावट के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में लाली छायी हुई है। भारतीय समयानुसार 11:15 बजे इडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट सूचकांक में 5.3% की कमजोरी है। चीन के शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 3.28% की गिरावट है। कॉस्पी सूचकांक 3.21% नीचे चल रहा है, जबकि ताइवान वेटेड सूचकांक में 3.03% की गिरावट है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख