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मानसून की कमजोरी बनी चिंता, लेकिन फिलहाल बाजार ने जोखिम को कर लिया है शामिल

इस वर्ष कमजोर मानसून और धीमी बुआई को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

मौसम विभाग की ओर से भी फिलहाल बहुत मजबूत बारिश के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि यदि जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका असर अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट नतीजों पर दिखाई दे सकता है। हालांकि बाजार के नजरिए से देखें तो निवेशकों ने इन जोखिमों को काफी हद तक पहले ही कीमतों में शामिल कर लिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक मानसून की स्थिति बेहद खराब नहीं होती और कंपनियों के नतीजों में इसका गंभीर असर दिखाई नहीं देता, तब तक बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। निवेशकों को फिलहाल घबराने की बजाय रिजल्ट सीजन और मानसून की आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

(शेयर मंथन, 03 जुलाई 2026)

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