निफ्टी बैंक में इस समय एक निर्णायक स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि इंडेक्स लगातार 50-डे मूविंग एवरेज के आसपास सपोर्ट लेने की कोशिश कर रहा है, जबकि ऊपर और नीचे दोनों तरफ ट्रेंड लाइन बनने से इसकी ट्रेडिंग रेंज काफी सीमित हो गई है। तकनीकी तौर पर ऐसी स्थिति लंबे समय तक नहीं चलती और अंततः इंडेक्स को किसी एक दिशा में बड़ा मूव देना पड़ता है। मौजूदा स्तरों पर 56,000 को सबसे अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर निफ्टी बैंक इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो करीब 60,000 तक की रिकवरी की उम्मीद रखी जा सकती है। करीब 57,500 के आसपास के स्तर से देखें तो नीचे लगभग 1,500 अंकों का जोखिम और ऊपर करीब 2,500 अंकों की संभावित गुंजाइश नजर आती है।
निफ्टी बैंक की इस संभावित रिकवरी में HDFC बैंक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। HDFC बैंक के चार्ट में लगातार गिरावट के बाद कुछ रिवर्सल संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह मजबूत बुलिश सेटअप कहना जल्दबाजी होगी। 715 के नीचे क्लोजिंग इस पूरे अनुमान को कमजोर कर सकती है, जबकि 760 के ऊपर मजबूती और उसके बाद 850 के स्तर को पार करना ज्यादा सकारात्मक संकेत माना जाएगा। अगर HDFC बैंक अपने अहम सपोर्ट से रिकवर करता है तो इसका सीधा फायदा बैंक निफ्टी को मिल सकता है। लेकिन अगर यह सपोर्ट टूट गया तो बैंक निफ्टी के 56,000 तक फिसलने का खतरा बढ़ सकता है।
तकनीकी संकेतों को देखें तो HDFC बैंक में फिलहाल ऐसा ओवरसोल्ड सेटअप नहीं है जो किसी बड़े बुल रन की शुरुआत की गारंटी दे, लेकिन गिरावट के बाद एक सीमित रिवर्सल की संभावना जरूर बन रही है। लंबे समय की ट्रेंड लाइन के आसपास शेयर का व्यवहार भी महत्वपूर्ण है। अगर यह ट्रेंड लाइन बची रहती है और शेयर 760 तथा आगे 850 के ऊपर निकलता है तो तस्वीर धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है। वहीं 715 के नीचे लगातार कमजोरी शेयर को लंबे समय तक रेंज में फंसा सकती है। इसलिए फिलहाल बैंकिंग सेक्टर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि 56,000 का निफ्टी बैंक सपोर्ट और HDFC बैंक का 715 का स्तर कायम रहता है या नहीं।
(शेयर मंथन, 19 अगस्त 2026)
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