शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

लघु अवधि के निवेशकों के लिए बीएसई (BSE) के शेयरों में टारगेट क्या हो सकता है?

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें बीएसई (BSE) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि मौजूदा बाजार माहौल को देखें तो इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में हाल के दिनों में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है और बीएसई भी उसी ट्रेंड का हिस्सा रहा है। तकनीकी नजरिए से देखें तो बीएसई अपने पिछले हाई तक पहुंच चुका है, ऐसे में वहां से एक नॉर्मल “रनिंग करेक्शन” आना स्वाभाविक माना जा सकता है, जैसा कि निफ्टी में भी देखने को मिल रहा है। 

लघु अवधि के लिए रणनीति 

यह भी समझना जरूरी है कि कई बार दिन के दौरान सपोर्ट टूटता हुआ दिखता है, लेकिन अनुशासित ट्रेडिंग में क्लोजिंग बेसिस को ज्यादा महत्व दिया जाता है। क्लोजिंग के नीचे बंद होने पर ही फैसला लेना एक नियम माना जाता है, ताकि फेक ब्रेकडाउन से बचा जा सके। कुल मिलाकर, बीएस शेयर में फिलहाल जल्दबाजी से बेहतर है कि 2700–2715 के स्तरों पर क्लोजिंग के आधार पर अगला कदम तय किया जाए।


(शेयर मंथन, 19 दिसंबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख