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फंडामेंटल और जोखिम का संतुलन को देखते हुये सैजिलिटी शेयर का भविष्य क्या है?

नेमी रावल जानना चाहते हैं कि उन्हें सैजिलिटी (Sagility) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि सैजिलिटी एक आईटी सर्विस कंपनी है, जिसका फोकस हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और सर्विसेज पर है। कंपनी का बिजनेस मॉडल खराब नहीं है और अब तक जो भी डेटा उपलब्ध है, उसमें कोई बड़ी फंडामेंटल कमजोरी नजर नहीं आती। यही वजह है कि इसे एक “ठीक-ठाक” क्वालिटी की कंपनी कहा जा सकता है। हालाँकि सैजिलिटी के साथ सबसे बड़ा और प्रमुख जोखिम इसका अमेरिकी रेवेन्यू है। कंपनी की 50% से ज्यादा आय अमेरिका से आती है, और यही वह फैक्टर है जो निवेशकों को सतर्क करता है। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड रिलेशन, पॉलिसी अनिश्चितता या हेल्थकेयर बजट से जुड़ी कोई भी नकारात्मक खबर इस तरह की कंपनियों को सीधे प्रभावित कर सकती है। यह जोखिम सिर्फ सैजिलिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस कंपनी पर लागू होता है जिसका अमेरिकी बाजार पर ज्यादा निर्भरता है। 

फंडामेंटल तौर पर देखें तो सैजिलिटी एक नई लिस्टेड कंपनी है। इसकी लिस्टिंग 2024 की है, यानी हमारे पास सिर्फ करीब एक साल का ही पब्लिक डेटा उपलब्ध है। इतना कम डेटा किसी भी कंपनी को पूरी तरह जज करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। फिर भी, जो भी शुरुआती नंबर्स और ट्रेंड्स दिखते हैं, वे नकारात्मक नहीं हैं। रिटर्न रेशियो अभी बहुत आकर्षक नहीं हैं, लेकिन आने वाले समय में इनके धीरे-धीरे बेहतर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

शॉर्ट से मीडियम टर्म में रिस्क मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। मौजूदा प्राइस के आसपास 49-48 रुपये का जोन एक अहम स्तर माना जा सकता है। अगर स्टॉक इस स्तर के नीचे क्लोज करता है, तो यह संकेत होगा कि लोअर हाई और लोअर लो का स्ट्रक्चर बन सकता है, जो नेगेटिव माना जाएगा। ऐसे में बाहर निकलना समझदारी हो सकती है। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक प्राइस एक हद तक ठीक कहा जा सकता है। सैजिलिटी एक ठीक-ठाक कंपनी है, इसमें कोई बड़ी फंडामेंटल खराबी नहीं दिखती। लेकिन इसका US एक्सपोज़र और कम लिस्टिंग हिस्ट्री इसे पूरी तरह “सेफ” निवेश नहीं बनाती। जो निवेशक इसमें पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें रिस्क को समझकर, सीमित पोज़िशन साइज और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यह शेयर सीखने और समझने के नजरिये से अच्छा उदाहरण है कि सिर्फ चार्ट या सिर्फ फंडामेंटल नहीं, बल्कि दोनों को जोड़कर कैसे निवेश निर्णय लिया जाना चाहिए।


(शेयर मंथन, 05 जनवरी 2026)

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