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पिछले पांच साल में दर्जन भर से ज्यादा नये फंड घरानों की बाजार में एंट्री

पिछले पाँच वर्षों में भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने अभूतपूर्व विस्तार देखा है। निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) नए रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचा है।

हर्षद चेतनवाला का कहना है कि इस दौर में दर्जन भर से अधिक नए फंड घरानों ने बाजार में प्रवेश किया है, जिनका उद्देश्य निवेशकों का पैसा मैनेज करना और उन्हें बेहतर निवेश विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि निवेशकों की संख्या बढ़ने के बावजूद इंडस्ट्री की रीच अब भी सीमित है और करीब 5 करोड़ यूनिक निवेशक ही म्यूचुअल फंड से जुड़े हैं, जिससे यह साफ होता है कि इस सेक्टर में आगे भी विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

नए फंड घरानों का योगदान और महत्व

नए फंड घरानों का इंडस्ट्री में आना एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। जितने अधिक प्लेयर्स बाजार में आते हैं, उतनी ही निवेशकों तक पहुंच बढ़ती है। हर नया फंड हाउस अपने साथ एक नई सोच, नई निवेश फिलॉसफी और अलग अप्रोच लेकर आता है। कुछ फंड घराने ब्रोकिंग बैकग्राउंड से आए हैं, कुछ PMS या FII मनी मैनेजमेंट का अनुभव लेकर आए हैं, तो कुछ ने डेट-ओरिएंटेड निवेश से शुरुआत की है। इन अलग-अलग अनुभवों के कारण निवेशकों के पास अब पहले से कहीं ज्यादा विकल्प उपलब्ध हैं।


(शेयर मंथन, 06 जनवरी 2026)

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