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बजट 2018 - बिटकॉइन जैसी मुद्रा नहीं चलेगी देश में

केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट के दौरान बिटकॉइन जैसी मुद्रा भारत में न चलने का ऐलान किया।

साथ ही युवाओं को लुभाने के लिए सरकार ने देश में 5 लाख वाई-फाई स्थानों के 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। वित्त वर्ष 2017-18 में राजकोषीय घाटा 3.2% से बढ़ कर देश के सकल घरेलू उत्पाद का 3.5% हो गया. वित्त वर्ष 2018-19 में इसे 3.3% रखने का लक्ष्य रखा गया है। 
- स्टाम्प ड्यूटी कानून में संशोधन पर विचार होगा
- जिला अस्पतालों की सुविधाओं का नवीनीकरण करके 24 नये मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाये जाएंगे
- एक लाख ग्राम पंचायतें हाईस्पीड ब्रॉडबैंड से जुड़ीं
- चारों सरकारी बीमा कंपनियां एक होंगी
- इसमें सरकार 80,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी
- हर उद्योग के लिए अब अलग आईडी
- कंपनियों का भी आधार जैसा एक नंबर होगा
- वर्ष 2018-19 के लिए 80,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य
- 2017-18 में विनिवेश से एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान, जो तय लक्ष्य से ज्यादा है
- राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, राज्यपालों की परिलब्धियां बढ़ा कर क्रमश: पाँच लाख, चार लाख और साढ़े तीन लाख रुपये प्रतिमाह की गयी
- सांसदों के वेतन, भत्ते तय करने के नियमों में बदलाव होगा, हर पाँच साल में स्वत: संशोधन का नियम बनेगा
- महात्मा गाँधी के 150वीं जयंती कार्यक्रमों के लिए 150 करोड़ रुपये
- उड़ान योजना ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा का मौका दिया
- विमानपत्तन प्राधिकरण के तहत वर्तमान में 124 हवाईअड्डे हैं। देश के हवाईअड्डों की यात्री वहन क्षमता को पाँच गुना बढ़ाया जायेगा (शेयर मंथन, 01 फरवरी 2018)

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निवेश मंथन पत्रिका

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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