शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

विकास दर में गिरावट के कारण फिसला बाजार, 10,800 के नीचे बंद हुआ निफ्टी

मंगलवार को बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गयी, जिससे निफ्टी 10,800 के नीचे बंद हुआ।

दोनों प्रमुख सूचकांक 2% से अधिक कमजोरी के साथ बंद हुए। जानकारों के मुताबिक बाजार में गिरावट के कई कारण हैं, जिनमें जीडीपी विकास दर के 6 सालों से अधिक अवधि के नीचे फिसलने, अमेरिका-चीन के एक-दूसरे पर लगाये गये नये शुल्कों, अगस्त में विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली, वाहन क्षेत्र में आयी मंदी और अगस्त में ही जीएसटी संग्रह के 1 लाख करोड़ रुपये से नीचे पहुँचना शामिल है।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 37,332.79 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह कमजोरी के साथ 37,181.76 पर खुला और अंत में 769.88 अंकों या 2.06% की कमजोरी के साथ 36,562.91 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,023.25 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 10,960.95 पर खुल कर 225.35 अंक या 2.04% की गिरावट के साथ 10,797.90 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का निचला स्तर 10,797.90 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से केवल 02 शेयरों में मजबूती और 48 शेयरों में कमजोरी आयी। वहीं बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में से भी 02 शेयरों में बढ़ोतरी और 29 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से टेक महिंद्रा में 1.24% और एचसीएल टेक में 0.75% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से आईसीआईसीआई बैंक में 4.45%, टाटा स्टील में 3.93%, वेदांत में 3.70%, एचडीएफसी में 3.67%, इंडसइंड बैंक में 3.61% और टाटा मोटर्स में 3.51% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 817 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,613 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 178 शेयर सपाट रहे।
प्रमुख सूचकांकों के साथ ही छोटे-मँझोले बाजारों में भी कमजोरी दर्ज की गयी। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 1.65% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 1.32% की कमजोरी दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 1.77% और निफ्टी स्मॉल 100 में (Nifty Small 100) में 1.85% की गिरावट देखने को मिली। (शेयर मंथन, 03 सितंबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख