शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

निफ्टी (Nifty) गिर कर 5,960, सेंसेक्स (Sensex) 81 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे कारोबार दिन गिरावट के साथ बंद हुए।

आज निफ्टी (Nifty) ने 6,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। लेकिन इस स्तर पर टिका न रह सका। आज के कारोबार में रियल्टी और बैंकिंग क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा।
बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 81 अंक यानी 0.40% की कमजोरी के साथ 19,861 पर रहा। निफ्टी 31 अंक यानी 0.52% की गिरावट के साथ 5,960 पर बंद हुआ। एनएसई के मँझोले सूचकांक सीएनएक्स मिडकैप में 0.01% की मामूली कमजोरी रही। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.21% की गिरावट रही, जबकि बीएसई स्मॉलकैप में 0.07% की हल्की बढ़त रही।

आज सुबह भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई। बाजार खुलते ही निफ्टी ने 6,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 19,998 और निफ्टी 6,007 तक चढ़ गये। लेकिन कारोबार के पहले ही घंटे में सेंसेक्स-निफ्टी शुरुआती बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर चले गये। निफ्टी 6,000 के स्तर के नीचे फिसल गया। फिर बाजार में लाल निशान पर ही सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। यूरोपीय शेयर बाजारों से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच दोपहर के कारोबार में बाजार में गिरावट कायम रही। कारोबार के अंतिम घंटों में सेंसेक्स 19,772 और निफ्टी 5,932 तक फिसल गये। कारोबार के अंतिम घंटे में बाजार की गिरावट में कमी आयी। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी कुछ सँभल कर बंद हुए।

क्षेत्रों के लिहाज से आज रियल्टी सूचकांक में सबसे ज्यादा 1.97% गिरावट रही। बैंकिंग को 1.21%, तेल-गैस को 1.01% और टीईसीके को 0.30% का घाटा सहना पड़ा। पावर में 0.29% और पीएसयू में 0.08% की कमजोरी रही। धातु में 0.08% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.02% की हल्की गिरावट रही। दूसरी ओर, एफएमसीजी को 1.10% का फायदा हुआ। कैपिटल गुड्स में 0.05%, ऑटो को 0.04%, आईटी में 0.03% और हेल्थकेयर में 0.02% की मामूली बढ़त रही। (शेयर मंथन, 23 सितंबर 2010)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख