शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

किंगफिशर को नहीं मिली अदालत से राहत

स्वैच्छिक बकायेदार (Wilful Defaulter) घोषित करने की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कार्रवाई के खिलाफ किंगफिशर एयरलाइंस को आज सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली।

सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में किंगफिशर की याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया है। किंगफिशर ने अपनी याचिका में कहा था कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत निदान समिति को किंगफिशर को स्वैच्छिक बकायेदार घोषित करने का फैसला लेने से रोका जाये। लेकिन अदालत ने कहा कि निदान समिति पहले ही अपना फैसला कर चुकी है, इसलिए किंगफिशर की याचिका निरर्थक हो गयी है। 

सर्वोच्च न्यायालय से यह राहत नहीं मिलने के बाद किंगफिशर ने कहा है कि वह बैंक के फैसले को अब उच्च न्यायालय में चुनौती देगी। यूबी समूह का आरोप है कि किंगफिशर के खिलाफ बैंक की निदान समिति में काफी जल्दबाजी में फैसला किया और कंपनी के निदेशक को अपने वकील के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर नहीं दिया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कर्ज में डूबी किंगफिशर को स्वैच्छिक बकायेदार घोषित करने वाला पहला बैंक है।

किंगफिशर का शेयर भाव आज पूरे दिन कमजोर बना रहा। बाजार बंद होने पर बीएसई में इसका भाव 0.09 रुपये या 3.36% की गिरावट के साथ 2.59 रुपये पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 2 सितंबर 2014)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख