शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

वित्त वर्ष 2018-19 में वेदांत (Vedanta) का पूँजीगत व्यय रहा 10,000 करोड़ रुपये

खबरों के अनुसार खनन कंपनी वेदांत (Vedanta) ने वित्त वर्ष 2018-19 में पूँजीगत व्यय कार्यक्रमों पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च किये।

कंपनी की योजना इससे दुनिया का सबसे बड़ा जस्ता उत्पादक बनने और तीन प्रमुख चांदी उत्पादकों में से एक बनने की है। देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल-गैस कंपनी वेदांत का लक्ष्य देश के उत्पादन में 27% के अपने वर्तमान योगदान को दोगुना करना भी है।
वर्तमान में भारत अपने तेल-गैस आवश्यकताओं का लगभग 80% आयात करता है, जिसका मूल्य करीब 150 अरब डॉलर है। वेदांत की योजना एकीकृत एल्यूमीनियम उत्पादन को 30 लाख टन तक पहुँचाने की है, जो मौजूदा क्षमता से 50% अधिक होगा।
दूसरी तरफ बीएसई में वेदांत का शेयर 160.00 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज बढ़ोतरी के साथ 162.50 रुपये पर खुला। अभी तक के सत्र में यह 165.10 रुपये के ऊपरी स्तर तक चढ़ा है।
करीब सवा 3 बजे कंपनी के शेयरों में 4.10 रुपये या 2.56% की मजबूती के साथ 164.10 रुपये पर लेन-देन हो रही है। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 61,017.78 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी का शेयर 246.90 रुपये तक चढ़ा और नीचे की ओर 145.90 रुपये तक फिसला है। (शेयर मंथन, 11 जुलाई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख