शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

गोदरेज प्रॉपर्टीज का दूसरी तिमाही में सेल्स बुकिंग 3% बढ़ा

गोदरेज प्रॉपर्टीज ने दूसरी तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी किए हैं। कंपनी के सेल्स बुकिंग वैल्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। सेल्स बुकिंग वैल्यू सालाना आधार पर 89 फीसदी बढ़कर 13,800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। किसी भी वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह अब तक का सबसे ज्यादा बुकिंग वैल्यू है।

 कंपनी ने यह मुकाम 8600 से ज्यादा घरों की बिक्री के जरिए हासिल किया है। कंपनी ने करीब 14 मिलियन वर्ग फुट जमीन बेची है। वहीं कंपनी की सेल्स बुकिंग में 3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है जो करीब 5200 करोड़ रुपये के करीब है। घरों की बढ़ती मांग के कारण ऐसा संभव हो सका है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक बुकिंग का यह आंकड़ा दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में करीब 51 लाख वर्ग फीट जमीन बेची है। गोदरेज प्रॉपर्टीज ने सालाना गाइडेंस का 51 फीसदी हिस्सा अभी तक हासिल कर लिया है। पिछले 5 साल से औसत तौर पर पूरे वित्त वर्ष के गाइडेंस का 37 फीसदी हिस्सा पहली छमाही में ही कंपनी ने हासिल किया है। घरों की बढ़ती मांग और नए प्रोजेक्ट लॉन्च के कारण ऐसा संभव हुआ है। दूसरी छमाही में कलेक्शन 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है जो 68 फीसदी की वृ्द्धि से बढ़ा है। वहीं पहली छमाही में कलेक्शन 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है जो कि करीब 62 फीसदी वृद्धि को दर्शाता है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए कलेक्शन को दिए गए गाइडेंस का करीब 47 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है।

(शेयर मंथन, 6 अक्टूबर 2024)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख