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हल्दी में दबाव, इलायची और धनिया में गिरावट की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 6,890-7,190 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

देश के प्रमुख हाजिर बाजारों में कुल मिलाकर निराशजनक भावना है क्योंकि देश भर में हल्दी की माँग केवल जरूरत के अनुसार हो रही है। घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक के कारण कीमतों पर दबाव रहने की संभावना है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश मार्क फेड के पास लगभग 48,500 टन हल्दी का स्टॉक है जिसे उसने मई में खरीदा था। जीरा वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 18,700-19,030 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। राजस्थान और गुजरात के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में जीरे की बुआई शुरू हो गयी है। उत्पादन क्षेत्रों में तापमान अभी भी 33-35 डिग्री सेल्सियस है जबकि जीरे की बुआई के लिए तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। इलायची वायदा (दिसंबर) की कीमतों को 985 के स्तर पर रेजिस्टेंस रहने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु के ऑक्सन केन्द्रों पर माँग की तुलना में सप्लाई अधिक होने के कारण छोटी इलायची की कीमतों में गिरावट हुई है। अनुकूल मौसम के कारण बेहतर उत्पादन की संभावना से कीमतों में गिरावट होने की संभावना है। धनिया वायदा (दिसंबर) की कीमतों में 4,900 रुपये तक गिरावट जारी रहने की संभावना है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में धनिया की बुआई शुरू हो गयी है। कीमतों में गिरावट और छिट-पुट बारिश के बावजूद राजस्थान में इस वर्ष धनिया के बुआई क्षेत्रों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। (शेयर मंथन, 10 नवंबर 2017)

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