शेयर मंथन में खोजें

हल्दी में नरमी, जीरा और धनिया के लिए सीमित दायरे का रुझान - एसएमसी

हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों में नरमी के रुझान के साथ कारोबार होने की संभावना है।

कीमतें यदि 7,300 के समर्थन स्तर से नीचे टूटती हैं तो 7,200 रुपये तक गिरावट हो सकती है। बाजारों में हल्दी की आवक बढ़ गयी है लेकिन केवल मध्य और खराब क्वालिटी की हल्दी की आवक ही हो रही है। इरोद टर्मरिक मर्चेन्ट्स एसेसिएशन सेल्स यार्ड में फिंगर वेरायटी की कीमतें 5,689-8,649 रुपये प्रति क्विंटल हैं और रूट वेरायटी की कीमतें 5,323-7,900 रुपये के दायरे में हैं। इरोद कोऑपरेटिव सोसायटी में फिंगर वेरायटी की कीमतें 7,299-8,299 रुपये प्रति क्विंटल हैं और रूट वेरायटी की कीमतें 6,609-7,441 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में हैं। जीरा वायदा (जनवरी) की कीमतों के 21,300-21,900 रुपये के दायरे कारोबार करने की संभावना है। उत्पादन क्षेत्र और उत्पादन में बढ़ोतरी के अनुमान से कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है। बेहतर कीमतें मिलने के कारण किसानों द्वारा इस सीजन में जीरे के उत्पादन क्षेत्र में 25-30% बढ़ोतरी किये जाने का अनुमान है। गुजरात कृषि विभाग के अनुसार 4 दिसंबर तक राज्य में जीरे की बुआई पिछले वर्ष की समान अवधि के 1,80,300 हेक्टेयर की तुलना में 49.64% बढ़ कर 2,69,800 हेक्टेयर में हुई है। धनिया वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 5,280-5,480 रुपये के दायरे साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में धनिया की बुआई प्रगति पर है और शुरुआती आँकड़ों के अनुसार मौजूदा सीजन में किसानों के धनिया के बजाय अन्य लाभकारी फसलों की खेती की ओर से रुख करने के कारण धनिया के उत्पादन क्षेत्र में गिरावट होने की संभावना है। गुजरात कृषि विभाग के अनुसार 4 दिसंबर तक राज्य में धनिया की बुआई पिछले वर्ष की समान अवधि के 69,000 हेक्टेयर की तुलना में 17% घटकर 57,300 हेक्टेयर में हुई हैं। (शेयर मंथन, 06 दिसंबर 2017)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख